मलवल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
अन्नदानी के. (JD(S)) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर मलवल्ली सीट जीती और नरेंद्रस्वामी पी. एम. (INC) को 11,230 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 104 हरपनहल्ली है।
विजेता
11.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अन्नदानी के. | 38,86038.7% | |
| 2 | नरेंद्रस्वामी पी. एम. UPA | UPA | 27,63027.5% |
| 3 | सोमशेखर बी. NDA | NDA | 21,44321.3% |
| 4 | शिवा कुमार | 7,7047.7% | |
| 5 | नंजुंडय्या एच. JP | JP | 1,8851.9% |
| 6 | विजयराजू के. जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1021.1% |
| 7 | शिवा शंकर के. एन. KNDP | KNDP | 6640.7% |
| 8 | महादवय्या जे. USYP | USYP | 6370.6% |
| 9 | मंत्या लिंग निर्दलीय | निर्दलीय | 5430.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलवल्ली से कौन जीता, 1978–2004
JD(S) ने यह सीट JD(U) से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD(S) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1999 के 66.7% से घटकर 65.2% रह गया।