मलवल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
सोमशेखर (JNP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर मलवल्ली सीट जीती और एम. मादय्या (INC) को 6,621 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 104 हरपनहल्ली है।
विजेता
10.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोमशेखर जनता | जनता | 31,96651.5% |
| 2 | एम. मादय्या कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 25,34540.8% |
| 3 | गुरुवय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1671.9% |
| 4 | केम्पराजू ICJ | ICJ | 1,0341.7% |
| 5 | एम. डी. कृष्णप्पा | 8691.4% | |
| 6 | मदम्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6031.0% |
| 7 | आर. सिद्दय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.7% |
| 8 | एम. शंकरय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.6% |
| 9 | पी. हनुमय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलवल्ली से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.9% से बढ़कर 51.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1978 के 73.2% से घटकर 70.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी JNP ने यह सीट अपने पास रखी।