कोरटगेरेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
सी. चन्निगप्पा (JD(S)) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर कोरटगेरे सीट जीती और सी. वीरभद्रय्या (INC) को 706 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 56 देवदुर्ग है।
विजेता
कोरटगेरे का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 706 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी. चन्निगप्पा | 33,55831.7% | |
| 2 | सी. वीरभद्रय्या | 32,85231.0% | |
| 3 | अंदानप्पा NDA | NDA | 17,07516.1% |
| 4 | वीरन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 14,23013.4% |
| 5 | जयंती NDA | NDA | 4,5904.3% |
| 6 | आर. प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2823.1% |
| 7 | आराध्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोरटगेरे से कौन जीता, 1978–2004
JD(S) ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD(S) की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 74.3% से घटकर 70.3% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी JD(S) ने यह सीट अपने पास रखी।