भरमसागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
एम. चंद्रप्पा (JD(U)) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 39.9% वोट पाकर भरमसागर सीट जीती और एच. आंजनेय (INC) को 8,954 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 43 गुलबर्गा ग्रामीण है।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. चंद्रप्पा NDA | NDA | 37,19439.9% |
| 2 | एच. आंजनेय | 28,24030.3% | |
| 3 | शिवमूर्ति के. निर्दलीय | निर्दलीय | 22,29023.9% |
| 4 | जयन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4921.6% |
| 5 | एस. एन. बालाजी | 1,4341.5% | |
| 6 | ईश्वरनियाका जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2311.3% |
| 7 | डॉ. एच. एच. नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 4930.5% |
| 8 | ममता लोकनाथ नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 4810.5% |
| 9 | एन. जयदेवनाइक निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भरमसागर से कौन जीता, 1978–2004
JD(U) ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1994 के 66.8% से बढ़कर 69.0% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।