भरमसागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बी. एम. थिप्पेसामी (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर भरमसागर सीट जीती और शिवमूर्ति, के. (INC) को 270 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 43 गुलबर्गा ग्रामीण है।
विजेता
भरमसागर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 270 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. एम. थिप्पेसामी जनता | जनता | 30,45048.4% |
| 2 | शिवमूर्ति, के. | 30,18047.9% | |
| 3 | लचनायका निर्दलीय | निर्दलीय | 6091.0% |
| 4 | सी. सिद्दप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 4950.8% |
| 5 | एन. चन्द्रहास | 3980.6% | |
| 6 | ए. आर. बसवराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.6% |
| 7 | के. राजशेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.4% |
| 8 | शंबुलिंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भरमसागर से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.7% से घटकर 48.4% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1983 जितना ही रहा: 68.8%। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।