नागमंगलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
एन. चलुवराय स्वामी उर्फ़ स्वामी गौउड़ा (JD(S)) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 54.0% वोट पाकर नागमंगला सीट जीती और एल. आर. शिवरामेगौड़ा (INC) को 15,159 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 101 होसदुर्ग है।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. चलुवराय स्वामी उर्फ़ स्वामी गौउड़ा | 55,64354.0% | |
| 2 | एल. आर. शिवरामेगौड़ा | 40,48439.3% | |
| 3 | बी. आर. नारायणस्वामि निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1072.0% |
| 4 | मो. कृष्णेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6371.6% |
| 5 | बाय धरणेंद्रबाबू NDA | NDA | 1,4931.4% |
| 6 | टी. चंद्रेगौड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0601.0% |
| 7 | कृष्णेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 8 | शिवरामु निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 9 | जयरामेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 10 | परमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 11 | टी. के. केंपेगौड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(S) और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नागमंगला से कौन जीता, 1978–2004
JD(S) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD(S) की पहली जीत थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 78.0% से घटकर 76.9% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी JD(S) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978एच.टी. कृष्णप्पा (IND), जीत का अंतर 8.8%
- 1983चिगरीगौड़ा (IND), जीत का अंतर 34.5%
- 1985एच. टी. कृष्णप्पा (JNP), जीत का अंतर 34.9%
- 1989एल. आर. शिवरामे गौउड़ा (IND), जीत का अंतर 36.7%
- 1994एल.आर. शिवरामेगौड़ा (IND), जीत का अंतर 17.2%
- 1999एन. चलुवराय स्वामी उर्फ़ स्वामी गौउड़ा (JD(S)), जीत का अंतर 14.7%
- 2004चलुवराय स्वामी एन. (स्वामीगौडा) (JD(S)), जीत का अंतर 5.5%