नारनौंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
राम कुमार (BJP) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर नारनौंद सीट जीती और सरोज (INLD) को 1,399 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 71 बवानीखेड़ा थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 71 नांगल चौधरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नारनौंद का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,399 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम कुमार NDA | NDA | 31,13234.1% |
| 2 | सरोज NDA | NDA | 29,73332.6% |
| 3 | अजय चौधरी UPA | UPA | 28,02530.7% |
| 4 | संजय निर्दलीय | निर्दलीय | 6500.7% |
| 5 | सुरेश | 6060.7% | |
| 6 | रामेहर निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.4% |
| 7 | लाभ सिंह NDA | NDA | 3200.3% |
| 8 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 9 | बलजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 10 | रमेश LD | LD | 470.1% |
| 11 | जय भगवान निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 12 | प्रदीप निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 13 | अजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नारनौंद से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2000 के 76.0% से बढ़कर 78.6% हो गया।