नारनौंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
वीरेन्द्र सिंह (LKD) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर नारनौंद सीट जीती और सरूप सिंह (INC) को 8,012 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 71 बवानीखेड़ा थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 71 नांगल चौधरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र सिंह Lok Dal | Lok Dal | 24,56444.4% |
| 2 | सरूप सिंह कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 16,55229.9% |
| 3 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7,04912.7% |
| 4 | जसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5398.2% |
| 5 | राम बिलास जनता | जनता | 8891.6% |
| 6 | मणि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6021.1% |
| 7 | प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 5291.0% |
| 8 | ईश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.6% |
| 9 | सतबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.3% |
| 10 | कमल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नारनौंद से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 67.8% से बढ़कर 73.2% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में भी LKD ने यह सीट अपने पास रखी।