बल्लबगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
शारदा रानी (निर्दलीय) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 34.6% वोट पाकर बल्लबगढ़ सीट जीती और राजिंदर सिंह पुत्र गजराज सिंह (INC) को 4,011 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 53 सोहना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 53 नलवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शारदा रानी निर्दलीय | निर्दलीय | 22,17634.6% |
| 2 | राजिंदर सिंह पुत्र गजराज सिंह कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 18,16528.4% |
| 3 | सुभाष चन्द Lok Dal | Lok Dal | 15,10323.6% |
| 4 | राज देव जनता | जनता | 5,7288.9% |
| 5 | शिव चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0981.7% |
| 6 | हरचंदी निर्दलीय | निर्दलीय | 7191.1% |
| 7 | धर्मबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.8% |
| 8 | धर्म पाल सिंगला निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.3% |
| 9 | किशन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 10 | राधा कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 11 | राजिंदर पुत्र दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बल्लबगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
1977 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1977 के 68.1% से बढ़कर 68.6% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।