नीलोखेड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1968
चंदा सिंह (निर्दलीय) ने 1968 के विधान सभा चुनाव में 49.9% वोट पाकर नीलोखेड़ी सीट जीती और राम सरूप गिरी (INC) को 6,538 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 13 करनाल है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चंदा सिंह 21.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चंदा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,15549.9% |
| 2 | राम सरूप गिरी | 8,61728.4% | |
| 3 | शिव राम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 6,57221.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BJS को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नीलोखेड़ी से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 71.2% से घटकर 65.7% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट BJS ने जीती।