बिलासपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
जगत प्रकाश नड्डा (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 52.4% वोट पाकर बिलासपुर सीट जीती और बंबर ठाकुर (निर्दलीय) को 11,181 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 21 का नाम बिलासपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 21 लाहौल और स्पिति है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगत प्रकाश नड्डा 23.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगत प्रकाश नड्डा NDA | NDA | 24,63452.4% |
| 2 | बंबर ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 13,45328.6% |
| 3 | तिलक राज UPA | UPA | 7,43815.8% |
| 4 | श्री कांत लाल शर्मा | 8861.9% | |
| 5 | श्याम लाल ठाकुर | 3620.8% | |
| 6 | धर्म सिंह चन्देल NDA | NDA | 2660.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.51 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिलासपुर से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2003 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1998 में जीत दर्ज की थी। यह 1990 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2003 के 77.5% से घटकर 73.0% रह गया।
- 1977आनन्द चन्द (IND), जीत का अंतर 8.8%
- 1982सदा राम ठाकुर (BJP), जीत का अंतर 7.1%
- 1985बाबू राम गौतम (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1990सदाराम ठाकुर (BJP), जीत का अंतर 26.1%
- 1993जगत प्रकाश नड्डा (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 1998जगत प्रकाश नड्डा (BJP), जीत का अंतर 21.3%
- 2003तिलक राज (INC), जीत का अंतर 6.1%
- 2007जगत प्रकाश नड्डा (BJP), जीत का अंतर 23.8%