पांवटा दूनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
फतेह सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर पांवटा दून सीट जीती और कुश परमार (INC) को 5,896 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 18 का नाम पांवटा दून था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 18 धर्मशाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — फतेह सिंह 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फतेह सिंह | 19,75053.1% | |
| 2 | कुश परमार | 13,85437.3% | |
| 3 | मधु शोभा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0542.8% |
| 4 | बुध राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8922.4% |
| 5 | अमर सिंह तोमर वाम दल | वाम दल | 6011.6% |
| 6 | बशीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.8% |
| 7 | जसवंत राय | 2710.7% | |
| 8 | पवन कुमार वर्मा JNP(JP) | JNP(JP) | 2090.6% |
| 9 | जगदीश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.4% |
| 10 | दर्शन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पांवटा दून से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 79.6%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।