सोनगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
दोनवाला नारायणभाई हरजीभाई (निर्दलीय) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर सोनगढ़ सीट जीती और वसावा नागरभाई दिवेलियाभाई (INC) को 14,877 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 163 वांसदा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 163 लींबायत है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दोनवाला नारायणभाई हरजीभाई 15.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दोनवाला नारायणभाई हरजीभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 39,98441.3% |
| 2 | वसावा नागरभाई दिवेलियाभाई | 25,10726.0% | |
| 3 | चौधरी छगनभाई रजियाभाई | 19,41620.1% | |
| 4 | चौधरी रामसिंगभाई रेवजी भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6764.8% |
| 5 | वसावा सुमनभाई पोसल्याभाई वाम दल | वाम दल | 2,7302.8% |
| 6 | चौधरी निरुबेन झवेरभाई | 2,0672.1% | |
| 7 | चौधरी नशावनभाई अशानाभाई | 1,8351.9% | |
| 8 | चौधरी चंपकभाई मगनभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 9110.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोनगढ़ से कौन जीता, 1975–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 40.2% से बढ़कर 67.8% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1975गामीत वसनजीभाई गंजीभाई (INC), जीत का अंतर 17.1%
- 1980गामीत वसनजीभाई गंजीभाई (INC(I)), जीत का अंतर 25.1%
- 1985गामीत वसनजीभाई गंजीभाई (INC), जीत का अंतर 57.1%
- 1990वसावा नागरभाई देविलियाभाई (JD), जीत का अंतर 28.0%
- 1995दोनवाला नारायणभाई हरजीभाई (IND), जीत का अंतर 15.4%
- 1998वसावा नागरभाई दिवेलियाभाई (INC), जीत का अंतर 23.9%
- 2002वसावा नागरभाई दिवेलियाभाई (INC), जीत का अंतर 21.6%
- 2007वसावा प्रभुभाई नागरभाई (INC), जीत का अंतर 36.6%