थिवीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
शेट सदानंद म्हालू (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 38.4% वोट पाकर थिवी सीट जीती और नीलकंठ रामनाथ हलर्नकर (NCP) को 521 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 4 कलंगुट थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 4 का नाम अब भी थिवी है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शेट सदानंद म्हालू 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेट सदानंद म्हालू NDA | NDA | 6,96138.4% |
| 2 | नीलकंठ रामनाथ हलर्नकर | 6,44035.5% | |
| 3 | मौलिंगकर प्रेमनाथ अर्जुन | 4,40824.3% | |
| 4 | कोरगावकर इंद्रकांत दत्ताराम | 3281.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उत्तर गोवा ज़िला · 8.2 लाख लोग · जनगणना 2011
फेनी और काजू के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू76.1%
- ईसाई16.4%
- मुस्लिम7.1%
- सिख0.1%
- बौद्ध0.1%
- जैन0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थिवी से कौन जीता, 1989–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1989 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1989 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 67.4% से बढ़कर 70.9% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
