कानकोनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
बांदेकर संजय विमल (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर कानकोन सीट जीती और पाई खोत विजय आनंदराव (BJP) को 171 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में कोई सीट नंबर 39 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 39 सांगे है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कानकोन का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 171 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बांदेकर संजय विमल | 4,84937.4% | |
| 2 | पाई खोत विजय आनंदराव NDA | NDA | 4,67836.0% |
| 3 | नाईक गांवकर चंद्रकांत, उर्फ़ शबाराम | 3,03123.4% | |
| 4 | उल्हास नीलू गोआंकर GRCP | GRCP | 2241.7% |
| 5 | फर्नांडिस माइकल निर्दलीय | निर्दलीय | 1941.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कानकोन से कौन जीता, 1989–2007
INC ने 1994 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.6% से घटकर 37.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1994 के 75.8% से घटकर 74.2% रह गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।