कानकोनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
बांदेकर संजय विमल (INC) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 52.6% वोट पाकर कानकोन सीट जीती और नाईक देसाई चंद्रकांत राम उर्फ़ डॉ. शबा नाईक (MAG) को 1,297 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में कोई सीट नंबर 39 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 39 सांगे है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बांदेकर संजय विमल | 6,17852.6% | |
| 2 | नाईक देसाई चंद्रकांत राम उर्फ़ डॉ. शबा नाईक | 4,88141.5% | |
| 3 | वेलिप घुरको भिस्सो UGDP | UGDP | 4603.9% |
| 4 | फर्नांडिस इनासिना निर्दलीय | निर्दलीय | 1341.1% |
| 5 | कोमरपंत सोइरू मधुकर | 960.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और MAG को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कानकोन से कौन जीता, 1989–2007
INC ने यह सीट MAG से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1989 के 73.3% से बढ़कर 75.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।