डिचोलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
काकोडकर शशिकला गुरुदत्त (MAG) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर डिचोली सीट जीती और नाईक विनायक वासुदेव (INC) को 3,120 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 7 कलंगुट है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — काकोडकर शशिकला गुरुदत्त 25.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काकोडकर शशिकला गुरुदत्त | 6,86656.5% | |
| 2 | नाईक विनायक वासुदेव | 3,74630.8% | |
| 3 | राणे जयसिंगराव आबासाहेब | 1,48812.2% | |
| 4 | नानासाहेब निर्दलीय | निर्दलीय | 610.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MAG, INC और JNP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डिचोली से कौन जीता, 1977–1984
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।