बिश्रामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
चन्द्रशेखर दुबे (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर बिश्रामपुर सीट जीती और रामचंद्र चंद्रवंशी (RJD) को 12,797 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 322 नहीं थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 322 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्रशेखर दुबे | 44,30843.1% | |
| 2 | रामचंद्र चंद्रवंशी | 31,51130.7% | |
| 3 | सूर्य मणि सिंह NDA | NDA | 14,21213.8% |
| 4 | माणिकचंद्र राम | 6,6426.5% | |
| 5 | जगदेव शर्मा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2,5752.5% |
| 6 | राजकिशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6111.6% |
| 7 | संजय कु. चौबे | 8880.9% | |
| 8 | सियाचरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.4% |
| 9 | विनोद राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
| 10 | मुन्द्रिका यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 11 | सुबोध कुमार | 1830.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिश्रामपुर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 54.5% से बढ़कर 55.6% हो गया।