बिश्रामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
चन्द्रशेखर दुबे (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर बिश्रामपुर सीट जीती और धर्मेन्द्र प्रताप देव (निर्दलीय) को 8,325 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 322 नहीं थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 322 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्रशेखर दुबे | 30,05036.1% | |
| 2 | धर्मेन्द्र प्रताप देव निर्दलीय | निर्दलीय | 21,72526.1% |
| 3 | जगदेव शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 11,50013.8% |
| 4 | सुशील कुमार चौबे | 4,7875.8% | |
| 5 | उमरुद्दीन सिद्दीकी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,7855.8% |
| 6 | जितेन्द्र नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3794.1% |
| 7 | शिव प्रसाद महतो PBI | PBI | 1,6962.0% |
| 8 | कमलेश्वर प्रसाद शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 8151.0% |
| 9 | रामनाथ चौधरी | 7210.9% | |
| 10 | बलराम तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.6% |
| 11 | प्रिय रंजन प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.6% |
| 12 | तपेसर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.5% |
| 13 | राम नरेश राम LKD(B) | LKD(B) | 3530.4% |
| 14 | सलीम राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.4% |
| 15 | अरुणोदम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.4% |
| 16 | सुरेश राम JKD | JKD | 2990.4% |
| 17 | यौगल किशोर सिंह | 2820.3% | |
| 18 | अम्बिका पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 19 | मोजिबुद्दीन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.2% |
| 20 | त्रिवेणी प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 21 | बसंत दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिश्रामपुर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.5% से घटकर 36.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.2% से घटकर 53.8% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।