मांडरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
देव कुमार धान (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 27.6% वोट पाकर मांडर सीट जीती और दिवाकर मिंज (BJP) को 2,412 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 309 का नाम मांडर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 309 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। देव कुमार धान 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देव कुमार धान | 23,58827.6% | |
| 2 | दिवाकर मिंज NDA | NDA | 21,17624.8% |
| 3 | वनवा तिर्की उर्फ़ बंधु तिर्की | 13,07015.3% | |
| 4 | विश्व नाथ भगत | 11,73513.7% | |
| 5 | करम चन्द भगत | 10,22012.0% | |
| 6 | प्रभाकर तिर्की | 2,4582.9% | |
| 7 | मार्था खलखो उर्फ़ मारिया खलखो | 1,7352.0% | |
| 8 | अरुण उराँव NDA | NDA | 6340.7% |
| 9 | सपोट तिग्गा JKP | JKP | 6240.7% |
| 10 | भोजा उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांडर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट JMM से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 57.7% से घटकर 43.7% रह गया।