मांडरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
गंगा भगत (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर मांडर सीट जीती और करम चन्द भगत (निर्दलीय) को 9,803 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 309 का नाम मांडर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 309 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गंगा भगत 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगा भगत | 25,67350.1% | |
| 2 | करम चन्द भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 15,87031.0% |
| 3 | झरी उराँव | 4,0137.8% | |
| 4 | बिश्वनाथ भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5815.0% |
| 5 | हरबू उराँव जनता | जनता | 7011.4% |
| 6 | युगेश उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 6161.2% |
| 7 | गोपाल पाहन निर्दलीय | निर्दलीय | 5851.1% |
| 8 | अमासी भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 4410.9% |
| 9 | सिरिल टोप्पो | 4090.8% | |
| 10 | टी. के. बिनको निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांडर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1980 जितना ही रहा: 36.8%। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।