बगोदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
महेन्द्र प्रसाद सिंह (CPI(ML)(L)) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 27.5% वोट पाकर बगोदर सीट जीती और गौतम सागर राणा (JD(U)) को 6,653 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 272 मांडू थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 272 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र प्रसाद सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 32,18227.5% |
| 2 | गौतम सागर राणा NDA | NDA | 25,52921.8% |
| 3 | नागेन्द्र महतो | 20,95517.9% | |
| 4 | खड़गधारी ना. सिंह BJC(R) | BJC(R) | 15,69213.4% |
| 5 | जय प्रकाश वर्मा | 9,1057.8% | |
| 6 | राजेश मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,9616.8% |
| 7 | दीपक महेश्वरी | 4,0403.5% | |
| 8 | अशोक कुमार | 8710.7% | |
| 9 | गिरधारी महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 8210.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बगोदर से कौन जीता, 1977–2000
CPI(ML)(L) ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.7% से घटकर 27.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1995 के 60.6% से घटकर 57.4% रह गया।