बगोदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
गौतम सागर राणा (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 19.6% वोट पाकर बगोदर सीट जीती और मयूरध्वज नारायण (INC) को 456 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 272 मांडू थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 272 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बगोदर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 456 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गौतम सागर राणा Lok Dal | Lok Dal | 10,63219.6% |
| 2 | मयूरध्वज नारायण | 10,17618.8% | |
| 3 | खड़गधारी नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,94918.4% |
| 4 | रविन्द्र कुमार राय | 5,1149.4% | |
| 5 | महेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5138.3% |
| 6 | रघु नाथ तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6786.8% |
| 7 | परमेश्वर मंडल | 3,0145.6% | |
| 8 | सुलेमान मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6623.1% |
| 9 | दिली रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3932.6% |
| 10 | सुरमाली अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2492.3% |
| 11 | बद्री नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0311.9% |
| 12 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6441.2% |
| 13 | राम बृक्ष ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.7% |
| 14 | इन्द्र कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.4% |
| 15 | राम प्रसाद पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.4% |
| 16 | ललिता राज्य लक्ष्मी निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.3% |
| 17 | फनी भूषण साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बगोदर से कौन जीता, 1977–2000
LKD ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 39.3% से बढ़कर 41.2% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट IPF ने जीती।