गया टाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
प्रेम कुमार (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर गया टाउन सीट जीती और मसूद मंजर (CPI) को 4,059 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 250 गया थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 250 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रेम कुमार 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम कुमार NDA | NDA | 37,26434.5% |
| 2 | मसूद मंजर | 33,20530.8% | |
| 3 | जय कुमार पालित | 13,42312.4% | |
| 4 | राजेश बली निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3834.1% |
| 5 | जय नारायण प्रसाद सिन्हा BHJC | BHJC | 4,2864.0% |
| 6 | डॉ. युगल किशोर प्रसाद | 4,0333.7% | |
| 7 | अभय कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5593.3% |
| 8 | विनोद कुमार मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2482.1% |
| 9 | प्रेम चन्द प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2461.1% |
| 10 | राज कुमार सिंह चंद्रवंशी | 8190.8% | |
| 11 | अजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.5% |
| 12 | अम्बिका प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.4% |
| 13 | संजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.4% |
| 14 | शविहुल वाभी NDP | NDP | 3520.3% |
| 15 | संजय चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.3% |
| 16 | चन्द्र मौली | 2720.3% | |
| 17 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2430.2% |
| 18 | सरदानंद प्रसाद वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 19 | रामदेव आर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 20 | नवल किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
| 21 | शिवकधार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 22 | गोपाल प्रसाद सिन्हा | 890.1% | |
| 23 | शशि भूषण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 24 | विक्रमादित्य सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गया टाउन से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.6% से घटकर 34.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 45.4% से बढ़कर 49.6% हो गया।