जरमुंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
द्वेन्द्र कुंवर (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 23.4% वोट पाकर जरमुंडी सीट जीती और हरिनारायण राय (BSP) को 5,073 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 159 नाथनगर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 159 चकाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। द्वेन्द्र कुंवर 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | द्वेन्द्र कुंवर NDA | NDA | 24,08223.4% |
| 2 | हरिनारायण राय | 19,00918.5% | |
| 3 | वरुण कुमार | 15,34414.9% | |
| 4 | गोपाल चन्द्र राय | 14,92014.5% | |
| 5 | चन्द्र शेखर यादव | 13,53713.2% | |
| 6 | जवाहर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,90312.6% |
| 7 | रामजीवन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0671.0% |
| 8 | बलराम मंडल | 1,0191.0% | |
| 9 | महेन्द्र महतो AJBP | AJBP | 4260.4% |
| 10 | मनोज कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जरमुंडी से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट JMM(S) से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 66.9% से घटकर 66.3% रह गया।