जरमुंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
जवाहर प्रसाद सिंह (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर जरमुंडी सीट जीती और अभय कान्त प्रसाद (BJP) को 10,720 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 159 नाथनगर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 159 चकाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जवाहर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 24,39230.4% |
| 2 | अभय कान्त प्रसाद | 13,67217.0% | |
| 3 | देवेन्द्र कुमार JNP(JP) | JNP(JP) | 12,50615.6% |
| 4 | तारानंद सिंह | 10,28712.8% | |
| 5 | सनत राऊत | 9,97012.4% | |
| 6 | हरिचरण खवाड़े राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 2,8303.5% |
| 7 | मो. नौसाद मियां निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6203.3% |
| 8 | सुरेन्द्र नाथ पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 7310.9% |
| 9 | सुरेन्द्र राऊत निर्दलीय | निर्दलीय | 6260.8% |
| 10 | नरेन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5290.7% |
| 11 | रविन्द्र नाथ भैया | 3240.4% | |
| 12 | फाइलेश्वर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.4% |
| 13 | झुने भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.4% |
| 14 | बैद्यनाथ यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.3% |
| 15 | परमा नन्द घिडिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
| 16 | महादेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 17 | अशोक के. भुवानिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
| 18 | मनोज कुमार जायसवाल BBP | BBP | 1690.2% |
| 19 | जनार्दन पाण्डेय | 1580.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जरमुंडी से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 46.7% से बढ़कर 58.0% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JMM(S) ने जीती।