बरहेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
हेमलाल मुर्मू (JMM) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 67.6% वोट पाकर बरहेट सीट जीती और लोरेंस हाँसदा (INC) को 38,126 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 149 मधुपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 149 नाथनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हेमलाल मुर्मू 38.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हेमलाल मुर्मू | 66,59967.6% | |
| 2 | लोरेंस हाँसदा | 28,47328.9% | |
| 3 | मसीह सोरेन NDA | NDA | 1,8071.8% |
| 4 | ज्ञान देव टुडू | 5240.5% | |
| 5 | जोसेफ सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.4% |
| 6 | बुधराय मुर्मू | 3960.4% | |
| 7 | मोसाई किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 8 | लॉरेंस सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 9 | हाबिल मरांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JMM और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरहेट से कौन जीता, 1977–2000
JMM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.8% से बढ़कर 67.6% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 64.9% से बढ़कर 68.6% हो गया।