मधुपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
अजीत कुमार बनर्जी (BJS) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 32.4% वोट पाकर मधुपुर सीट जीती और अनंत शर्मा (INC) को 1,165 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 149 देवघर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 149 बरहेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अजीत कुमार बनर्जी 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजीत कुमार बनर्जी महागठबंधन | महागठबंधन | 13,54732.4% |
| 2 | अनंत शर्मा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 12,38229.6% |
| 3 | नुर आलम वाम दल | वाम दल | 11,20026.8% |
| 4 | लोबा राम हाँसदा PHJ | PHJ | 2,6306.3% |
| 5 | ज्वाला प्रसाद राय | 1,3333.2% | |
| 6 | अनिरुद्र सिंह | 6971.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मधुपुर से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; BJS ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 47.2% से घटकर 40.0% रह गया।