रोसड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
अशोक कुमार (SAP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर रोसड़ा सीट जीती और गजेन्द्र प्रसाद सिंह (RJD) को 1,320 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 100 सरायरंजन थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 100 बरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रोसड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,320 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक कुमार NDA | NDA | 53,65046.9% |
| 2 | गजेन्द्र प्रसाद सिंह | 52,33045.7% | |
| 3 | रामाश्रय राय | 5,7325.0% | |
| 4 | सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8160.7% |
| 5 | गायत्री देवी AD | AD | 6560.6% |
| 6 | विमलेंद्र कुमार झा | 6200.5% | |
| 7 | लक्ष्मी कान्त राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.3% |
| 8 | योगेन्द्र मलिक निर्दलीय | निर्दलीय | 2870.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAP, RJD और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रोसड़ा से कौन जीता, 1977–2005
SAP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 61.6% से बढ़कर 62.3% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977प्रयाग मंडल (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 1980रामाश्रय राय (INC(I)), जीत का अंतर 37.3%
- 1985भोला मंदार (LKD), जीत का अंतर 11.0%
- 1990गजेंद्र प्र. सिंह (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1995गजेन्द्र प्रसाद सिंह (JD), जीत का अंतर 27.6%
- 2000अशोक कुमार (SAP), जीत का अंतर 1.1%
- 2005 (फ़रवरी)गजेन्द्र प्रसाद सिंह (RJD), जीत का अंतर 14.9%
- 2005 (अक्टूबर)गजेन्द्र प्रसाद सिंह (RJD), जीत का अंतर 3.2%