सरायरंजनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
चन्द्रेश्वर प्रसाद (BJS) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 35.2% वोट पाकर सरायरंजन सीट जीती और राम बिलास मिश्रा (SOP) को 2,345 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 100 समस्तीपुर पश्चिम थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 100 रोसड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। चन्द्रेश्वर प्रसाद 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्रेश्वर प्रसाद महागठबंधन | महागठबंधन | 21,39535.2% |
| 2 | राम बिलास मिश्रा | 19,05031.4% | |
| 3 | रामू आर चौधरी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 16,48927.2% |
| 4 | सुरेश चौरसिया | 2,5194.2% | |
| 5 | समलुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 8461.4% |
| 6 | योगेन्द्र झा महागठबंधन | महागठबंधन | 4170.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरायरंजन से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह BJS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 53.5% से बढ़कर 60.6% हो गया।