जमुआविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बलदेव हजरा (CPI) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर जमुआ सीट जीती और सुकर रबिदास (BJP) को 9,673 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 273 जरीडीह थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 273 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलदेव हजरा वाम दल | वाम दल | 36,92743.9% |
| 2 | सुकर रबिदास | 27,25432.4% | |
| 3 | तनेश्वर हजरा | 15,84718.8% | |
| 4 | बीरेन्द्र कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5511.8% |
| 5 | राम किसुन हजरा JKP | JKP | 9271.1% |
| 6 | फूल चन्द हजरा IPF | IPF | 7450.9% |
| 7 | भुनेश्वर हजरा निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.5% |
| 8 | मणि लाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4030.5% |
| 9 | हरिहर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जमुआ से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.8% से घटकर 43.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.5% से बढ़कर 53.3% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।