चैनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
लाल मुनि चौबे (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 23.1% वोट पाकर चैनपुर सीट जीती और महाबली सिंह (BSP) को 3,654 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 231 पीरो थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 231 गया मुफस्सिल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लाल मुनि चौबे 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल मुनि चौबे | 19,64823.1% | |
| 2 | महाबली सिंह | 15,99418.8% | |
| 3 | विजय सेन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,72514.9% |
| 4 | किशोरी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 10,20012.0% |
| 5 | शाहनेवाज़ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 9,82111.5% |
| 6 | कमला सिंह वाम दल | वाम दल | 4,1464.9% |
| 7 | तिलेश्वर सिंह | 3,5354.2% | |
| 8 | शमशेर बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5813.0% |
| 9 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2782.7% |
| 10 | सूर्य नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6300.7% |
| 11 | राजेन्द्र पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 5820.7% |
| 12 | लालवर्ती सिंह PBI | PBI | 5450.6% |
| 13 | धनु चमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.6% |
| 14 | छैवर दुसाध निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.4% |
| 15 | विजय बहादुर सिंह LKD(B) | LKD(B) | 2490.3% |
| 16 | मुक्तेश्वर पाण्डेय ABJS | ABJS | 2320.3% |
| 17 | अमीनुद्दीन मीर DMM | DMM | 1790.2% |
| 18 | अरविन्द कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 19 | चंद्रमा सिंह DMKP | DMKP | 1300.1% |
| 20 | जगरनाथ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 21 | फेकू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 22 | वशिष्ठ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 23 | आचार्य रामाधार कुशवाहा SSD | SSD | 960.1% |
| 24 | शरद चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 25 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 26 | राम बिलास सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 27 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 28 | मर्त्युन्जय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चैनपुर से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.0% से बढ़कर 59.6% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।