चैनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
परवेज अहसन खान (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 24.3% वोट पाकर चैनपुर सीट जीती और लालमुनि चौबे (BJP) को 2,514 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 231 पीरो थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 231 गया मुफस्सिल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। परवेज अहसन खान 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परवेज अहसन खान | 16,87024.3% | |
| 2 | लालमुनि चौबे | 14,35620.7% | |
| 3 | विजय शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 10,93015.8% |
| 4 | रंग बहादुर सिंह ICJ | ICJ | 10,70815.4% |
| 5 | किशोर प्रसाद बिन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8925.6% |
| 6 | सिद्धनाथ सिंह Lok Dal | Lok Dal | 3,5435.1% |
| 7 | महाबली सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1994.6% |
| 8 | विक्रमा बिन्द ICS | ICS | 2,3443.4% |
| 9 | राम सूरत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9581.4% |
| 10 | दिना नाथ सिंह जनता | जनता | 8961.3% |
| 11 | दशमी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6060.9% |
| 12 | जगर नाथ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 13 | सिपाही सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 14 | समर बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 15 | खोभारी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 16 | चतुरी प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 17 | शरद चन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 18 | हरिद्वार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चैनपुर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 54.5% से बढ़कर 58.0% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।