राघोपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
उदय नारायण राय (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.2% वोट पाकर राघोपुर सीट जीती और हरिहर प्रसाद सिंह (JNP) को 4,846 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 46 सोनपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 46 नरपतगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदय नारायण राय Lok Dal | Lok Dal | 35,38937.2% |
| 2 | हरिहर प्रसाद सिंह जनता | जनता | 30,54332.1% |
| 3 | राम ब्रिकाश राय | 18,86819.8% | |
| 4 | हरिहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3842.5% |
| 5 | वीर बहादुर सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6541.7% |
| 6 | भारत भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 9651.0% |
| 7 | विजेन्द्र नाथ चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 9561.0% |
| 8 | वीरचंद भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 7660.8% |
| 9 | नसीब राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6550.7% |
| 10 | विद्या नन्द पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 6480.7% |
| 11 | भूपेन्द्र नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4690.5% |
| 12 | रत्नेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.4% |
| 13 | राम प्रसाद साह निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.4% |
| 14 | जवाहर लाल राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 15 | भूषण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.2% |
| 16 | हरिबंश नारायण सिंह | 1910.2% | |
| 17 | रंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
| 18 | दीपन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 19 | बिश्वनाथ भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 20 | बिंदेश्वर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 21 | अरुण कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 22 | राम जतन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 23 | रविन्द्र नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राघोपुर से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 69.9% से घटकर 66.5% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977बाबूलाल शास्त्री (JNP), जीत का अंतर 37.5%
- 1980उदय ना. राय (JNP(SC)), जीत का अंतर 2.3%
- 1985उदय नारायण राय (LKD), जीत का अंतर 5.1%
- 1990उदय नारायण राय (JD), जीत का अंतर 1.8%
- 1995लालू प्रसाद (JD), जीत का अंतर 46.6%
- 2000लालू प्रसाद (RJD), जीत का अंतर 21.2%
- 2005 (फ़रवरी)रबारी देवी (RJD), जीत का अंतर 26.0%
- 2005 (अक्टूबर)रबारी देवी (RJD), जीत का अंतर 6.2%