राघोपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
उदय नारायण राय (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर राघोपुर सीट जीती और हरिहर प्रसाद सिंह (निर्दलीय) को 2,350 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 46 सोनपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 46 नरपतगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
राघोपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,350 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदय नारायण राय राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 50,63237.9% |
| 2 | हरिहर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 48,28236.1% |
| 3 | प्रेम लता राय | 10,8418.1% | |
| 4 | राम बृक्ष राय निर्दलीय | निर्दलीय | 10,7998.1% |
| 5 | अवधेश नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3382.5% |
| 6 | जगवंत चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5551.9% |
| 7 | जय गोपाल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2731.7% |
| 8 | नौमी पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4381.1% |
| 9 | शत्रुघ्न राय JNP(JP) | JNP(JP) | 1,0620.8% |
| 10 | भगवान लाल राय निर्दलीय | निर्दलीय | 7650.6% |
| 11 | जवाहर प्रसाद निराला PBI | PBI | 6320.5% |
| 12 | जगदीश प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.1% |
| 13 | हरीश चन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 14 | कौशल किशोर विकल BKUS | BKUS | 1050.1% |
| 15 | निरंजन सिंह ABJS | ABJS | 850.1% |
| 16 | राजेन्द्र सिंह | 830.1% | |
| 17 | सैंद्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 18 | मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 19 | जुगेश्वर यादव | 610.1% | |
| 20 | गंगा सागर साहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 590.0% |
| 21 | कपिलदेव राय निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 22 | चन्द्र भूषण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 23 | राम लखन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राघोपुर से कौन जीता, 1977–2005
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 66.5% से बढ़कर 79.5% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977बाबूलाल शास्त्री (JNP), जीत का अंतर 37.5%
- 1980उदय ना. राय (JNP(SC)), जीत का अंतर 2.3%
- 1985उदय नारायण राय (LKD), जीत का अंतर 5.1%
- 1990उदय नारायण राय (JD), जीत का अंतर 1.8%
- 1995लालू प्रसाद (JD), जीत का अंतर 46.6%
- 2000लालू प्रसाद (RJD), जीत का अंतर 21.2%
- 2005 (फ़रवरी)रबारी देवी (RJD), जीत का अंतर 26.0%
- 2005 (अक्टूबर)रबारी देवी (RJD), जीत का अंतर 6.2%