कोलेबिराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बिरसिंग मुण्डा (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 54.1% वोट पाकर कोलेबिरा सीट जीती और सिल्विया बागे (INC) को 4,748 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 311 लातेहार थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 311 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिरसिंग मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 21,83954.1% |
| 2 | सिल्विया बागे | 17,09142.3% | |
| 3 | मुनु बड़ाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 5181.3% |
| 4 | जेम्स खड़िया निर्दलीय | निर्दलीय | 4331.1% |
| 5 | हिलारुस खराई | 2900.7% | |
| 6 | बहादुर भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोलेबिरा से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 22.9% से बढ़कर 38.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।