निरसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कृपा शंकर चटर्जी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर निरसा सीट जीती और एस.के. बख्शी (CPM) को 15,407 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 283 घाटशिला थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 283 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृपा शंकर चटर्जी 24.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृपा शंकर चटर्जी | 32,00450.3% | |
| 2 | एस.के. बख्शी वाम दल | वाम दल | 16,59726.1% |
| 3 | शिव लाल मांझी | 5,1888.2% | |
| 4 | कृष्ण कमल मुखार्जी वाम दल | वाम दल | 4,0046.3% |
| 5 | देव दास महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4853.9% |
| 6 | रामपति शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9811.5% |
| 7 | बिबेक सदाशेओ Lok Dal | Lok Dal | 8221.3% |
| 8 | रामाश्रय लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4970.8% |
| 9 | गनौरी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.5% |
| 10 | चतुरामन मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 3200.5% |
| 11 | बिबटू चरण महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 12 | हरदेव मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.2% |
| 13 | श्याम सुन्दर अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.2% |
| 14 | यदुनंदन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और JMM को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निरसा से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 44.5% से घटकर 43.6% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट MCOR ने जीती।