अरवलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कृष्ण नन्दन प्रसाद सिंह (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 55.2% वोट पाकर अरवल सीट जीती और राम प्रसाद ओझा (INC) को 34,747 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 242 नबीनगर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 242 वारिसलीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृष्ण नन्दन प्रसाद सिंह 29.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण नन्दन प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 65,62155.2% |
| 2 | राम प्रसाद ओझा | 30,87426.0% | |
| 3 | सत्य ना. सिंह वाम दल | वाम दल | 10,4298.8% |
| 4 | रामाशीष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4423.7% |
| 5 | रंग बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1222.6% |
| 6 | अरुण कुमार भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4841.3% |
| 7 | योगेन्द्र कुमार Lok Dal | Lok Dal | 1,1230.9% |
| 8 | बाणेश्वर प्रसाद सिंह | 7410.6% | |
| 9 | मनोज कुमार जनता | जनता | 2740.2% |
| 10 | राम पुकार मिसर निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
| 11 | लखन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 12 | उपेन्द्र नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 13 | जगदीश चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 14 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 15 | फूल कुमारी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 16 | लक्ष्मी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 17 | जगदीश नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 500.0% |
| 18 | बृन्दा चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 19 | सत्य देव निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 20 | लालेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और CPI को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अरवल से कौन जीता, 1977–2000
1980 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1980 के 67.0% से बढ़कर 73.1% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।