अरवलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
बाणेश्वर प्रसाद सिंह (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 45.2% वोट पाकर अरवल सीट जीती और राम भवन सिंह (CPI) को 12,072 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 242 नबीनगर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 242 वारिसलीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बाणेश्वर प्रसाद सिंह 15.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाणेश्वर प्रसाद सिंह जनता | जनता | 35,92645.2% |
| 2 | राम भवन सिंह वाम दल | वाम दल | 23,85430.0% |
| 3 | रामाशीष सिंह SSD | SSD | 17,72422.3% |
| 4 | सोहर लाल | 9641.2% | |
| 5 | सकलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 6 | राजा राम गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.3% |
| 7 | रंग बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.3% |
| 8 | राज कुमारी कुमुद निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 9 | सोनालाल ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, CPI और SSD को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अरवल से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।