सासारामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राम सेवक सिंह (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 22.1% वोट पाकर सासाराम सीट जीती और जगदीश ओझा (INC) को 2,923 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 232 सहार थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 232 गया टाउन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम सेवक सिंह 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम सेवक सिंह Lok Dal | Lok Dal | 15,92822.1% |
| 2 | जगदीश ओझा | 13,00518.0% | |
| 3 | विपिन बिहारी सिंह जनता | जनता | 12,96417.9% |
| 4 | ज्ञान बहादुर सिंह ICJ | ICJ | 9,17512.7% |
| 5 | चन्द्र देव बिन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 7,1139.8% |
| 6 | शाहनवाज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4206.1% |
| 7 | रविन्द्र प्रसाद सिंह | 1,7732.5% | |
| 8 | बिहारी प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5012.1% |
| 9 | बाबू राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4412.0% |
| 10 | राम हर्ष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0131.4% |
| 11 | राम बचन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5400.8% |
| 12 | जगरोपन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4860.7% |
| 13 | शिव कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.6% |
| 14 | कामेश्वर सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.5% |
| 15 | बछुन प्रसाद चौरसिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.5% |
| 16 | दुखि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.4% |
| 17 | लक्ष्मण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.3% |
| 18 | कलावती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.3% |
| 19 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.3% |
| 20 | इशराइल खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 21 | सोहराई महतो ICS | ICS | 1220.2% |
| 22 | कृष्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 23 | राजनीत तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 24 | नन्द लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 25 | ओम प्रकाश गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 26 | सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 27 | निवास चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 28 | कन्हैया सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 29 | राजेश चन्द्र सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सासाराम से कौन जीता, 1977–2000
LKD ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 53.2% से घटकर 45.4% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।