सहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
राजदेव राम (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर सहार सीट जीती और बिठल राम (NCO) को 6,093 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 232 पीरो थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 232 सासाराम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजदेव राम 18.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजदेव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 13,62341.3% |
| 2 | बिठल राम | 7,53022.8% | |
| 3 | दिनेश्वर प्रसाद | 7,38522.4% | |
| 4 | भगवती प्रसाद वर्मा महागठबंधन | महागठबंधन | 2,4137.3% |
| 5 | शिव पूजन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5464.7% |
| 6 | राम तवकल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5151.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सहार से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1969 के 41.0% से घटकर 29.3% रह गया।