बिक्रमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राम नाथ यादव (CPI) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर बिक्रम सीट जीती और रामानंद सिंह (INC) को 6,342 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 212 आरा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 212 भभुआ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नाथ यादव वाम दल | वाम दल | 29,95337.4% |
| 2 | रामानंद सिंह | 23,61129.5% | |
| 3 | महेश्वर प्रसाद सिंह | 6,0607.6% | |
| 4 | कृपानारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6917.1% |
| 5 | सुभाष चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9214.9% |
| 6 | राम अयोध्या प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5281.9% |
| 7 | रामायण सिंह | 1,4651.8% | |
| 8 | अवधेश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3881.7% |
| 9 | राजीव रंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2651.6% |
| 10 | रामेश्वर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2171.5% |
| 11 | राम सोहावन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7771.0% |
| 12 | तारकेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.7% |
| 13 | शिव लाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4620.6% |
| 14 | कौशल किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4510.6% |
| 15 | सजनधारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3940.5% |
| 16 | सूर्यदेव महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.4% |
| 17 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.3% |
| 18 | महानंद शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 19 | त्रियुगी थमर निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 20 | सिद्धनाथ शर्मा | 1400.2% | |
| 21 | मधेश्वर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 22 | कृष्ण कुमार सिन्हा ICJ | ICJ | 910.1% |
| 23 | हृदयानंद पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 24 | कृष्ण मुरारी शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 25 | अखिलानंद दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिक्रम से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.5% से बढ़कर 37.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 70.3% से घटकर 60.0% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।