बिहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शकील उज़्ज़मा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 31.5% वोट पाकर बिहार सीट जीती और देवनाथ प्रसाद (BJP) को 377 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 194 फतुहा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 194 बिक्रम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बिहार का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 377 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शकील उज़्ज़मा | 41,93931.5% | |
| 2 | देवनाथ प्रसाद | 41,56231.2% | |
| 3 | बीएड प्रकाश सिंह वाम दल | वाम दल | 38,58829.0% |
| 4 | मो. नसीम अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9832.2% |
| 5 | रंजीत पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2051.7% |
| 6 | अशोक कुमार जनता | जनता | 2,0321.5% |
| 7 | सैयद नजीम अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 8990.7% |
| 8 | नरसिंह लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8930.7% |
| 9 | एस. अहमद साबरी Lok Dal | Lok Dal | 5960.5% |
| 10 | पन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.3% |
| 11 | मुस्तकीम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.2% |
| 12 | सुभाषचंद्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.2% |
| 13 | सूर्य बंशी ठाकुर ICS | ICS | 2160.2% |
| 14 | ज्वाला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 15 | मो. रिजवान निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 16 | बलराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 17 | अभय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 18 | नारायण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 19 | परमेश्वर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 20 | अनवारुल हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिहार से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.1% से बढ़कर 67.9% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।