बिहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
देन नाथ प्रसाद (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 28.8% वोट पाकर बिहार सीट जीती और शकीलुज़्ज़मा (INC) को 1,444 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 194 फतुहा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 194 बिक्रम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बिहार का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,444 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देन नाथ प्रसाद | 47,34528.8% | |
| 2 | शकीलुज़्ज़मा | 45,90127.9% | |
| 3 | वेद प्रकाश सिंह वाम दल | वाम दल | 43,27726.3% |
| 4 | राम चन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 10,5036.4% |
| 5 | रंजीत पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8162.9% |
| 6 | लवकुश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8922.4% |
| 7 | के.पी. सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6561.6% |
| 8 | बिरेन्द्र कुमार सिंह IPF | IPF | 2,0441.2% |
| 9 | खुर्शीदा आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7101.0% |
| 10 | आसिफ़ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.3% |
| 11 | सुभाष चंदर निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.2% |
| 12 | इन्द्रजीत प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.2% |
| 13 | बली राम प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.2% |
| 14 | सुखदेव मिस्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.1% |
| 15 | शहजाद अनवर निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 16 | बलराम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 17 | बिरेन्द्र कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 18 | आचार्य जवाहर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 19 | बसंत चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 20 | राज किशोर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 720.0% |
| 21 | मिश्री लाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 580.0% |
| 22 | मोहम्मद सफिर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
| 23 | सुनील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 24 | एच.एम. हेमायूँ अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 130.0% |
| 25 | अजनी कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 60.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिहार से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 67.9% से बढ़कर 72.5% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।