सुपौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
प्रमोद कुमार सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर सुपौल सीट जीती और ज़हीर उद्दीन अहमद (LKD) को 11,800 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 112 महिषी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 112 महराजगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रमोद कुमार सिंह | 53,11249.7% | |
| 2 | ज़हीर उद्दीन अहमद Lok Dal | Lok Dal | 41,31238.7% |
| 3 | गौरी शंकर झा वाम दल | वाम दल | 5,9875.6% |
| 4 | चन्द्र ना. सिंह जनता | जनता | 1,0941.0% |
| 5 | नागेश्वर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0211.0% |
| 6 | सोना देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 7820.7% |
| 7 | सुभाष चन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7780.7% |
| 8 | मधुसूदन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5540.5% |
| 9 | दीप ना. भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 5130.5% |
| 10 | वासुदेव यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.5% |
| 11 | विन्देश्वरी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.3% |
| 12 | दीनानाथ झा निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.2% |
| 13 | खेड़ी मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 14 | सत्य ना. यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 15 | शिवा नन्दन चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 16 | योगेन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 17 | भावश मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और CPI को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुपौल से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 67.2% से बढ़कर 68.6% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977अमरेन्द्र प्रसाद सिंह (JNP), जीत का अंतर 3.4%
- 1980उमा शंकर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 0.3%
- 1985प्रमोद कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 11.1%
- 1990विजेन्द्र प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 3.2%
- 1995बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 2000बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 2.0%
- 2005 (फ़रवरी)बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 1.9%
- 2005 (अक्टूबर)बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 11.9%