सुपौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर सुपौल सीट जीती और मो. इसराईल राईन (RJD) को 12,235 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 112 महिषी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 112 महराजगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिजेन्द्र प्रसाद यादव NDA | NDA | 48,45747.3% |
| 2 | मो. इसराईल राईन | 36,22235.3% | |
| 3 | आशा मुकुंद | 10,0619.8% | |
| 4 | यदुबंश कुमार यादव | 3,9203.8% | |
| 5 | सुरेश कुमार आजाद | 2,3042.2% | |
| 6 | मो. कामालउद्दीन JHP | JHP | 1,5311.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(U), RJD और CPI को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.06 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुपौल से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2000 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.2% से बढ़कर 47.3% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 50.3% से घटकर 46.8% रह गया।
- 1977अमरेन्द्र प्रसाद सिंह (JNP), जीत का अंतर 3.4%
- 1980उमा शंकर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 0.3%
- 1985प्रमोद कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 11.1%
- 1990विजेन्द्र प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 3.2%
- 1995बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 2000बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 2.0%
- 2005 (फ़रवरी)बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 1.9%
- 2005 (अक्टूबर)बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 11.9%