सिसईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
बंडी उराँव (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर सिसई सीट जीती और ललित उराँव (BJP) को 6,348 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 310 लोहरदगा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 310 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बंडी उराँव 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बंडी उराँव | 13,94838.7% | |
| 2 | ललित उराँव | 7,60021.1% | |
| 3 | जय प्रकाश मुण्डा | 7,27220.2% | |
| 4 | योगेश उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4694.1% |
| 5 | लिनुस सोरेंग निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4043.9% |
| 6 | चामा उराँव JNP(SR) | JNP(SR) | 1,3343.7% |
| 7 | रंजीत मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0643.0% |
| 8 | प्रभुदती आईन्द JKD | JKD | 8862.5% |
| 9 | करम दयाल खड़िया निर्दलीय | निर्दलीय | 4261.2% |
| 10 | बनमाली भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 3511.0% |
| 11 | भगवान भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिसई से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 33.6% से घटकर 33.0% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।