लोहरदगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
बिहारी लकबा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 74.7% वोट पाकर लोहरदगा सीट जीती और भोला उराँव (NCO) को 18,159 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 310 मांडर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 310 सिसई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बिहारी लकबा 62.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिहारी लकबा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 21,86474.7% |
| 2 | भोला उराँव | 3,70512.7% | |
| 3 | बाल राम भगत महागठबंधन | महागठबंधन | 1,7656.0% |
| 4 | भोंवरा उराँव | 9553.3% | |
| 5 | बुध देव भगत JKD | JKD | 6972.4% |
| 6 | जीतू भगत महागठबंधन | महागठबंधन | 2740.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और NCO को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लोहरदगा से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.5% से बढ़कर 74.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 42.3% से घटकर 33.2% रह गया।