सिल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
राजेन्द्र सिंह (CPM) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर सिल्ली सीट जीती और रामेश्वर महतो (JNP(SC)) को 2,149 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 304 सिमडेगा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 304 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राजेन्द्र सिंह 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र सिंह वाम दल | वाम दल | 20,00038.9% |
| 2 | रामेश्वर महतो JNP(SC) | JNP(SC) | 17,85134.7% |
| 3 | राजा वीरेन्द्र नाथ सिंहदेव JNP(JP) | JNP(JP) | 5,30610.3% |
| 4 | हरिनारायण प्रसाद | 4,0017.8% | |
| 5 | राम टहल चौधरी | 2,8425.5% | |
| 6 | विशन राम मांझी JKD | JKD | 1,0322.0% |
| 7 | राज कुमार भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.6% |
| 8 | उमानंद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिल्ली से कौन जीता, 1977–2000
CPM ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 24.0% से बढ़कर 38.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 39.1% से बढ़कर 49.9% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।