खूंटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
सामू पाहन (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 57.4% वोट पाकर खूंटी सीट जीती और हाथीराम मुण्डा (BJP) को 4,585 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 303 कोलेबिरा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 303 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सामू पाहन 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सामू पाहन | 11,96057.4% | |
| 2 | हाथीराम मुण्डा | 7,37535.4% | |
| 3 | जोहन पाहन JKD | JKD | 5342.6% |
| 4 | जॉन सिंह मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 4982.4% |
| 5 | दुर्गा प्रसाद सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 3611.7% |
| 6 | कमला हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और BJP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खूंटी से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 36.2% से घटकर 22.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।